लाल किले पर क्यों नहीं पहुंचे राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे? लाल किले पर क्यों नहीं पहुंचे राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे?

लाल किले पर क्यों नहीं पहुंचे राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे?

✍️ स्टाफ रिपोर्टर 🗂️ भारत 📅 प्रकाशित: August 15, 2025

स्वतंत्रता दिवस समारोह से राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे की गैरमौजूदगी पर कांग्रेस ने संवैधानिक गरिमा का हवाला दिया, भाजपा ने कड़ी आलोचना की।

स्वतंत्रता दिवस के मुख्य समारोह में इस बार न तो लोकसभा के नेता विपक्ष राहुल गांधी मौजूद थे और न ही राज्यसभा के नेता विपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे। आज़ादी के बाद यह पहली बार हुआ है जब दोनों संवैधानिक पदों पर बैठे नेता इस आयोजन से नदारद रहे।

कांग्रेस प्रवक्ता डॉ. अजय उपाध्याय ने कहा कि परंपरा के अनुसार नेता विपक्ष को प्रधानमंत्री के बाद कैबिनेट मंत्री के दर्जे के साथ अगली पंक्ति में बैठाया जाता रहा है। लेकिन पिछले साल राहुल गांधी को अंतिम पंक्ति में बैठाया गया। यह संवैधानिक गरिमा का अपमान है, इसलिए इस बार दोनों नेताओं ने कार्यक्रम में भाग नहीं लिया और अपने-अपने स्तर पर राष्ट्रीय ध्वज फहराकर स्वतंत्रता दिवस मनाया।

उपाध्याय के अनुसार, यह किसी व्यक्ति का नहीं बल्कि संवैधानिक पद की गरिमा का मुद्दा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री इस विषय को राजनीतिक रंग देना चाहते हैं, जबकि कांग्रेस ऐसा नहीं चाहती।

बीजेपी प्रवक्ता आरपी सिंह और शहज़ाद पूनावाला ने कांग्रेस नेताओं की अनुपस्थिति को संवैधानिक कर्तव्य से मुंह मोड़ना बताया और कहा कि नेता विपक्ष का यह व्यवहार अनुचित है। भाजपा ने इसे राष्ट्रीय पर्व के अपमान के रूप में पेश किया और कांग्रेस पर देशहित से ऊपर राजनीति रखने का आरोप लगाया।

इस मुद्दे पर सोशल मीडिया पर भी बहस तेज हो गई है, जहां समर्थक और विरोधी अपने-अपने तर्क दे रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह विवाद आने वाले समय में संसद और चुनावी राजनीति में बड़ा मुद्दा बन सकता है।